न मृत किसान, न गिरफ़्तार पत्रकारों के आंकड़े हैं सरकार के पास!
बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में अभिसार सवाल उठा रहे हैं कि आखिर सरकार देश को किस तरफ ले जाना चाहती है? सरकार के पास न ही गिरफ्तार पत्रकारों के आकड़ें हैं और न ही बेरोज़गारी, महंगाई आदि मुद्दों पर कोई जवाब।
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